[महा प्रबनधक कि मनमानी चरम पर धूल फांक रही मोबाइल एटीएम बैंक]
■■■【ब्यूरो रिपोर्ट अयोध्या तक】■■■■
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आयोध्या।★जिला सहकारी बैंक को सरकार के घाटे से उबारने पुराने स्वरूप में लाकर सशक्त बनाने की मुहिम को यहां के बैंक के महाप्रबंधक अपनी मनमानी के चलते दत्ता बता रहे हैं और बैंक की पूंजी का जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं विभागीय सूत्रों के अनुसार नाबार्ड के पैसे से खरीदी गई लाखों रुपए की मोबाइल एटीएम मैन बैंक के अहाते में खड़ी धूल फांक रही है और किसानों को उनके द्वार पर उनके जरूरत की नकदी उपलब्ध कराने की मुहिम को तगड़ा झटका लग रहा है काफी अरसे से जमे बैंक के महाप्रबंधक ने अपने समय में बैंक के नियम कानून को ताक पर रखकर पूरे जिले में किसानों के सरकारी गोदामों की मरम्मत में गड़बड़ी किया मुख्यालय पर किसान सभागार के साथ संलग्न भवनों को बनाकर इनमें एसी लगवाने साज-सज्जा में काफी सरकारी धन का दुरुपयोग किया जिसकी शिकायत होने के बाद अपने प्रभाव के चलते मामले की कार्रवाई मामले में कार्रवाई को दबवा दिया कार्रवाई ना होने से ये काफी मन बढ़ हो गये। किसी टेंडर कोटेशन के बिना नोट गिनने की मशीन फर्नीचर कंप्यूटर ऑनलाइन कोर बैंकिंग से जोड़ने के नाम पर व्यापक स्तर पर सरकारी धन की गड़बड़ी किया गया है जिस की सघन जांच होने पर बड़ा घोटाला उजागर हो सकता विभागीय सूत्रों की मानें तो सरकारी बैंकों को रिजर्व बैंक के घाटे से उबर का पटरी पर लाने और रिजर्व बैंक की अनुमति के बाद कोर बैंकिंग सर्विसेज से जोड़ने के प्रयास में है वही महाप्रबंधक ने मनमानी ढंग से 1 दर्जन से अधिक संविदा कर्मियों को बैंक में रखकर अनावश्यक रूप से लाखों रुपए प्रतिमाह का वित्तीय डाल रखा है जिससे बैंक को बढ़ा वित्तीय चूना लग रहा है बैंक से रिटायर कर्मचारियों को भी अपने देशों के भुगतान में दिक्कतें आ रही हैं वह को ग्राहकों का झुकाव काफी कम हो गया जिससे बैंक बंदी के कगार पर है केवल सरकारी सहायता से ही बैंक किसी तरह से चल रहे है।
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