बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर सपा मुख्यालय अयोध्या में बोले नगर पंचायत सुचित्तागंज खिरौनी से सपा समर्थित चेयरमैन पद प्रत्याशी डॉ राम सुमेर भारती!
जब बचपन में तांगेवाले से भेदभाव के शिकार हुए भीमराव आंबेडकर, खुद हांका तांगा-पीना पड़ा रेतीला पानी।
बचपन में एक बार भीमराव अपने भाई और बहन के साथ रेल में सवार होकर अपने पिता से मिलने के लिए रवाना हुए. जब वह ट्रेन से उतरे तो स्टेशन मास्टर ने उन्हें पास बुलाकर कुछ पूछताछ की. जैसे ही स्टेशन मास्टर को उनकी जाति का पता चला, वह 5 कदम पीछे हट गया.
आधुनिक भारत के शिल्पकारों में से एक बाबासाहब भीमराव आंबेडकर देश के सबसे महान राजनेताओं में से एक हैं. बचपन से ही जातिगत भेदभाव का शिकार हुए भीमराव ने… समाज को छूआछूत और अस्पृश्यता से छुटकारा दिलाने में ही अपना जीवन लगा दिया. उन्होंने पाया कि देश की आबादी के बड़े हिस्से को नीचा और पिछड़ा बताकर विकास की धार से अलग रखा जा रहा है. उन्होंने कानून के तहत, हर जाति के लोगों को पढ़ाई और नौकरी में आरक्षण दिलाने का काम किया. आज उनकी जयंती के मौके पर बताते हैं उनके बचपन का वो किस्सा, जिसका उनके जीवन पर गहरा असर पड़ा.

